अध्याय - 7 एक साम्राज्य की राजधानी: विजयनगर (लगभग 14वीं से 16वीं शताब्दी तक)
कुछ स्मरणीय तथ्य- 1. विजयनगर साम्राज्य विजय का शहर कृष्णा व तुंगभद्रा नदियों के बीच स्थित था। 2. इसकी राजधानी विजयनगर ( हंपी) के भग्नावशेष 1800 ई. में एक अभियंता तथा पुराविद् कर्नल कॉलिन मैकेंजी द्वारा प्रकाश में लाए गए थे। 3. कर्नल मैकेंजी ईस्ट इंडिया कंपनी में 1815 में भारत के प्रथम सर्वेयर जनरल बनकर भारत आए थे। 4. विजयनगर की स्थापना दो भाइयों हरिहर और बुक्का द्वारा 1336 ई. में की गई थी। 5. विजयनगर साम्राज्य के शासक अपने आप को ' राय ' कहते थे। 6. इसके प्रमुख शासक कृष्णदेव राय (1509 - 1529 ई.) थे। 7. विजयनगर पर संगम, सुलुव,तुलुव व अराविदु इन चार वंशों ने शासन किया। (क) 1336-1485 ई. तक संगम वंश ने। (ख) 1503 ई. तक सुलुव वंश ने। (ग) 1503-1542 ई. तक तुलुव वंश ने। (घ) 1542 ई. के बाद अराविदु वंश ने। 8. कृष्णदेव राय तुलुव वंश के थे। 9. विस्तार और सुदृढीकरण कृष्णदेव राय के शासन की मुख्य विशेषताएं थी। 10. कृष्णदेव राय ने शासनकाल के विषय में 'अ मुक्तमल्यद' नामक तेलुगु भाषा में एक कृति लिखी है। 11. विजयनगर मसालों, वस्त्रों तथा रत्नों के बाजा...