Posts

Showing posts from April, 2020

अध्याय - 7 एक साम्राज्य की राजधानी: विजयनगर (लगभग 14वीं से 16वीं शताब्दी तक)

कुछ स्मरणीय तथ्य- 1. विजयनगर साम्राज्य विजय का शहर कृष्णा व तुंगभद्रा नदियों के बीच स्थित था। 2. इसकी राजधानी विजयनगर ( हंपी) के भग्नावशेष 1800 ई. में एक अभियंता तथा पुराविद् कर्नल कॉलिन मैकेंजी द्वारा प्रकाश में लाए गए थे। 3. कर्नल मैकेंजी ईस्ट इंडिया कंपनी में 1815 में भारत के प्रथम सर्वेयर जनरल बनकर भारत आए थे। 4. विजयनगर की स्थापना दो भाइयों हरिहर और बुक्का द्वारा 1336 ई. में की गई थी। 5. विजयनगर साम्राज्य के शासक अपने आप को ' राय ' कहते थे। 6. इसके प्रमुख शासक कृष्णदेव राय (1509 - 1529 ई.) थे। 7. विजयनगर पर संगम, सुलुव,तुलुव व अराविदु इन चार वंशों ने शासन किया। (क) 1336-1485 ई. तक संगम वंश ने। (ख) 1503 ई. तक सुलुव वंश ने। (ग) 1503-1542 ई. तक तुलुव वंश ने। (घ) 1542 ई. के बाद अराविदु वंश ने। 8. कृष्णदेव राय तुलुव वंश के थे। 9. विस्तार और सुदृढीकरण कृष्णदेव राय के शासन की मुख्य विशेषताएं थी। 10. कृष्णदेव राय ने शासनकाल के विषय में 'अ मुक्तमल्यद' नामक तेलुगु भाषा में एक कृति लिखी है। 11. विजयनगर मसालों, वस्त्रों तथा रत्नों के बाजा...

अध्याय - 6 भक्ति सूफी परंपराएं (8 वीं से 18 वीं सदी तक)

प्रश्न 1.किस प्रकार की धार्मिक इमारतें किसी विशेष धार्मिक विश्वासों और आचरणों का प्रतीक मानी जाती है ? उत्तर :- स्तूप, विहार और मंदिर धार्मिक विश्वासों और आचरणों का प्रतीक माने जाते हैं; जैसे स्तूप बौद्ध धर्म के प्रतीक तथा मंदिर हिंदू धर्म के प्रतीक। प्रश्न 2. 8वीं से 18 वीं सदी तक की भक्ति और सूफी परंपराओं को जानने के लिए किन्हीं दो स्रोतों का उल्लेख कीजिए। उत्तर :- (1) इमारतों, मूर्तिकला, चित्रकला से हमें धार्मिक विश्वासों और आचरणों के विषय में पता चलता है । (2) कई धार्मिक विश्वासों का पुनर्निर्माण साहित्यिक परंपरा जैसे पुराणों, संत कवियों की रचनाओं, उनकी जीवनियों द्वारा किया जाता है। प्रश्न 3.. "मणिक्वचक्कार" की 12 वीं शताब्दी की कांस्य मूर्ति से क्या जानकारी प्राप्त होती है ? उत्तर :- इस मूर्ति से यह अनुमान लगाया जाता है कि लोग शिव के अनुयाई थे और तमिल में भक्ति गान की रचना करते थे। प्रश्न 4. बौद्ध देवी, मारिची की मूर्ति (लगभग 10 वीं शताब्दी, बिहार) किस प्रक्रिया का उदाहरण है ? उत्तर :- बौद्ध देवी मारिची की मूर्ति विभिन्न धार्मिक विश्वासों और क्रियाकल...

अध्याय 5 - यात्रियों के नजरिए - समाज के बारे में उनकी समझ

प्रश्न 1. "इतिहास में कई महिलाओं और पुरुषों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में यात्राएं की है।" कथन के कारणों को स्पष्ट कीजिए। उत्तर - लोग निम्न उद्देश्यों से यात्रा करते थे - 1. काम की खोज में, 2. प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए, 3. सैनिक, व्यापारी, पुरोहित एवं तीर्थयात्री के रूप में 4. या फिर साहस की भावनाओं से प्रेरित होकर । प्रश्न 2. 10वीं से 17वीं शताब्दी तक तीन प्रमुख यात्री भारत आए । वे कौन थे ? उत्तर :- 1. अल-बिरूनी - अल-बिरूनी का जन्म आधुनिक उज्बेकिस्तान के एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र ख्वारिज्म शहर में 973 ईसवी में हुआ था। वह कई भाषाओं का ज्ञाता था जिनमें सीरियाई फारसी हिब्रू और संस्कृत भाषा शामिल है। वह 11 वीं शताब्दी में भारत आया था। 2.इब्नबतूता :- अफ्रीकी देश मोरक्को के इस यात्री का जन्म तैंजियर में हुआ था। उसका परिवार इस्लामिक कानून अथवा शरिया पर अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध था। वह 14वीं शताब्दी में भारत आया। 3.फ्रांस्वा बर्नियर : - फ्रांन्स का रहने वाला फ्रांस्वा बर्नियर एक डाक्टर, राजनीतिक, दार्शनिक, व एक इतिहासकार था। वह 1656 से 1668...

अध्याय 4 - विचारक, विश्वास और इमारतें (ई. पू.600 से 600 ई. तक)

Image
प्रश्न 1 सांची का स्तूप कहां स्थित है ? इसकी कोई एक विशेषता बताइए। उत्तर - सांची का स्तूप मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 20 मील उत्तर-पूर्व में स्थित सांची कनखेड़ा नामक एक गांव में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है और एक मुकुट के समान दिखाई देता है। प्रश्न 2. प्राचीन भारत में किन तीन धर्मों का उत्थान हुआ ? उत्तर - हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म। प्रश्न 3. छठी शताब्दी ईसा पूर्व से भारत में जैन और बौद्ध धर्म के उदय के कारण बताइए। उत्तर - 1. वैदिक धर्म की जटिलता 2. यज्ञों का अधिक खर्चीला होना। प्रश्न 4. त्रिपिटक क्या हैं ? संख्या में कितने है ? उत्तर - पाली भाषा में बुद्ध की शिक्षाओं का संकलन संग्रह त्रिपिटक कहलाया। इसका शाब्दिक अर्थ है तीन टोकरियां। 1 . विनय पिटक में संघ बौद्ध मठों में रहने वाले लोगों के लिए नियमों को बनाया गया। 2. बुद्ध की शिक्षाएं सु त पिटक   में रखी गई । 3. दर्शन से संबंधित विषय अ भिधम्म पिटक में आए। प्रश्न 5. नियती वादी और भौतिक वादी विचारकों की मुख्य विशेषताएं क्या थी ? उत्तर - 1. नीयति वादी भाग्यवादी थे। ऐसे लोग जो विश्वास कर...